Sunday, August 12, 2007

तेरी दीवानी कैलाश खैर

प्रीत की लत मोहे ऐसी लगी
हो गयी मैं मतवाली
मोहे सुध बुध ना रही तन मन की
येह तो जाने दुनिया सारी
बेबस और लाचार फीरू मैं
हारी मैं दिल हारी - २

तेरे नाम से जीं लूं - २
तेरे नाम से मर जाऊं - २
तेरी जान के सदके में कुछ ऐसा कर जाऊं
तुने क्या कर डाला मर गयी मैं मिट गयी मैं
हो री हां री हो गयी मैं
तेरी दीवानी दीवानी- २
तुने क्या कर डाला मरर गयी मैं मिट गयी मैं
हो री हां री हो गयी मैं
तेरी दीवानी दीवानी - २

इश्क जूनून जब हध से बढ जाये - २
हसते हसते आशिक सूली चढ़ जाये
इश्क का जादू सारा चढा कर बोले - २
ख़ूब लगा लो पहरे रस्ते रब खोलें

यही इश्क दी मरजी हैं
यही रब दी मरजी हैं
तेरे बिन जीना कैसा
अह खुश कर थी है
तुने क्या कर डाला मरर गयी मैं मिट गयी मैं
हो री हां री हो गयी मैं
तेरी दीवानी दीवानी - ४

हे मैं रंग रंगीली दीवानी - २
के मैं अलबेली मैं मस्तानी
गाऊं बाजों सबको रिझाऊं
हे मैं दिला ज़रम से बेगानी
के मैं दीवानी मैं दीवानी
तेरे नाम से जीं लूं तेरे नाम से मरर जाऊं
तेरे जान के सदले में कुछ ऐसा कर जाऊं
तुने क्या कर डाला मरर गयी मैं मिट गयी मैं
हो री हां री हो गयी मैं
तेरी दीवानी दीवानी
दीवानी दीवानी...

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